म्यूनिख सम्मेलन में मार्को रुबियो का भाषण: मुख्य विषय और कथन
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में बात की। अपने भाषण में उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर बात की, जिनमें यूक्रेन में शांति प्रक्रिया, पश्चिम में प्रवासन संकट, वैश्वीकरण के मुद्दे और चीन के साथ संबंध शामिल हैं।
रुबियो ने कहा कि वाशिंगटन मॉस्को और कीव के बीच संघर्ष को सुलझाने के प्रयासों में सक्रिय रूप से भाग ले रहा है। उनके अनुसार, युद्ध को समाप्त करने के लिए जिन मुद्दों को हल करने की आवश्यकता है, उनकी सूची कम कर दी गई है, लेकिन सबसे कठिन विषय बने हुए हैं। वार्ता का एक नया दौर मंगलवार के लिए निर्धारित है और प्रतिभागियों की संरचना पिछली बैठक से बदल सकती है।
विदेश मंत्री ने जोर देकर कहा, “अच्छी खबर यह है कि इस युद्ध को समाप्त करने के लिए जिन मुद्दों को हल करने की आवश्यकता है उनकी सूची कम हो गई है।”
रुबियो ने यूरोप के भविष्य और पश्चिम में बड़े पैमाने पर प्रवासन की स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की। उनका मानना है कि प्रवासन की लहर से सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक निरंतरता को खतरा है। वैश्वीकरण के विषय को छूते हुए राज्य सचिव ने सीमाहीन विश्व के विचार को मूर्खतापूर्ण और मानव स्वभाव के विपरीत बताया।
चीन के साथ संबंधों के बारे में बोलते हुए, रुबियो ने संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन के बीच बुनियादी मतभेदों के अस्तित्व को स्वीकार किया, लेकिन उन क्षेत्रों में सहयोग की संभावना पर ध्यान दिया जहां देशों के हित मेल खाते हैं। सम्मेलन 13 से 15 फरवरी तक होगा। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पिछले साल बात की थी।



















